दोस्तों इस बात को तो आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि भारत देश में कोरोना महामारी आने के बाद से ही ऑनलाइन शिक्षा (Online Padhai) का काफी प्रचार प्रसार हो गया है। क्योंकि कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण संपूर्ण देश में सार्वजनिक स्थल के अलावा सभी स्कूल, कॉलेज को बंद कर दिया गया था।
उसके बाद से भारत देश में ऑनलाइन शिक्षा (Online Padhai) पूरी तरह से शुरू हो गई। आज आपने देखा होगा कि छोटे बच्चों से लेकर बड़े विद्यार्थी भी ऑनलाइन शिक्षा को ही अपना रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि कि हमारे छोटे बच्चे हकीकत में मोबाइल से पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं?

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चों को मोबाइल दिलाना सही हैं –



वर्तमान समय में मोबाइल से ही बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है। सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट स्कूल सब जगह पर ऑनलाइन शिक्षा के जरिए बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है। जिन माता पिता के पास अपने बच्चों से पढ़ाई के बारे में पूछताछ करने के लिए समय नहीं है। क्या वह बच्चे हकीकत में पढ़ाई कर रहे हैं या पढ़ाई का बहाना करके मोबाइल का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इस बात को तो आप सभी का अच्छी तरीके से जानते हैं कि जब से भारत देश में 4G नेटवर्क आया है। तब से ही हर ऑनलाइन कार्य बहुत ही आसान हो गया है। लेकिन 4G नेटवर्क आने के बाद से ही कुछ ऐसे एप्लीकेशन उपलब्ध हो गए हैं। जो हमारे बच्चों का पढ़ाई से ध्यान भटका कर उनकी ओर आकर्षित करते हैं। कई सारे ऐसे गेम्स उपलब्ध है, जो एंड्राइड मोबाइल में पूरी तरह से सपोर्ट होते हैं।
इन गेम्स की वजह से हमारे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई (Online Padhai) ना करके दिनभर गेम्स खेलते रहते हैं। क्या इसीलिए हमने बच्चों को मोबाइल दिए थे या अच्छी पढ़ाई करके आगे बढ़ने के लिए। इस बात पर फैसला सिर्फ आपको करना होता है कि आपका बच्चा कितने समय तक ऑनलाइन पढ़ाई करता है और कितने समय तक गेम्स या सोशल मीडिया पर व्यतीत करता है।
हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की बच्चे को जिस राह पर चलने के लिए छोड़ते वह उसी पर चलता है, लेकिन माता-पिता को उसका मार्गदर्शक बनना पड़ता है। उसके बाद ही बच्चे उस रास्ते पर चलेंगे जिस पर हम चलाना चाहते हैं।
मैंने कई ऐसे लोग देखे हैं जो अपने बच्चों के लिए एक नया मोबाइल फोन खरीद कर दे देते हैं, लेकिन उसके बाद यह तक नहीं देखते कि बच्चा पढ़ाई कर रहा है या कुछ और।
मैंने कल खुद अपनी आंखों से देखा है कि कक्षा 6 और 7 में पढ़ाई करने वाले बच्चे एक जगह इकट्ठे होकर अपने-अपने मोबाइल में ऑनलाइन गेम्स खेल रहे थे। यहां तक ही नहीं उनके साथ कंपटीशन की तैयारी करने वाला छात्र भी उसी गेम्स को खेल रहा था। मैंने कम से कम उनको लगातार 1 घंटे तक लेकिन किसी भी बच्चे ने अपना गेम्स बंद नहीं किया। इन सभी बच्चों को अपने घरवालों ने ऑनलाइन पढ़ाई (Online Padhai) करने के लिए मोबाइल खरीद कर दे रखे है।
अब आप अच्छी तरीके से जानते हैं की जो बच्चे गेम्स खेल रहे थे, वो कभी भी पढ़ाई नहीं कर सकते। क्योंकि छोटी सी उम्र में सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम्स की लत लग जाने पर उसे छुड़ाना मुश्किल हो जाता है।
जैसा की हम सभी भली भांति जानते हैं की भारत देश पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। इस देश में ग्रामीण क्षेत्र के लोग कृषि पर निर्भर होने के कारण दिन भर खेतों में काम पर लगे रहते हैं। जिसके कारण बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई का बहाना करके खुद के लिए नया मोबाइल खरीद लेते हैं। लेकिन बाद में पढ़ाई ना करके मोबाइल पर दिनभर गेम्स खेलते रहते हैं। वर्तमान समय में कई ऐसे गेम्स उपलब्ध है जिन्हें एक बार पूरा खेलने के लिए कम से कम 30 मिनट का समय लगता है । ऐसे गेम्स को लगातार खेलने के बाद बच्चों की रोजाना खेलने की आदत पड़ जाती है।
इसलिए मेरा उन सभी लोगों से कहना है कि जिन माता पिता के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई (Online Padhai) करने के बहाने से मोबाइल का दुरुपयोग करते हैं। उनके मोबाइल को प्रत्येक दिन चेक करते रहें ताकि बच्चा अच्छी तरीके से पढ़ाई कर सके ताकि बच्चा सोशल मीडिया तथा गेम्स आदि से दूर रह सके। अगर आपने अपने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया तो वह पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। इसलिए जिन बच्चों के पास खुद का एंड्राइड मोबाइल है वो मोबाइल का उपयोग पढ़ाई के लिए ही करें।
दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट अच्छी तथा सकारात्मक लगी हो, तो कमेंट करके जरूर बताएं। ताकि मैं आगे भी आपके लिए ऐसी जानकारी तैयार कर सकूं।

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