नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप सब! आज की इस पोस्ट में  दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा देने के बारें में विस्तार से बताया गया हैं जो आप सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने कई नए नियम लागू किए हैं। जिस तरह से सामान्य बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार में शिक्षा की नीति लागू की है। उसी नीति में दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा प्रदान करवाने के लिए कदम उठाए हैं।

भारत देश में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए सरकार को फिर से एक नई नीति लागू करनी चाहिए। दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा देने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प सबसे अच्छा है। ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से बच्चे आसानी से अपने विषय तथा समावेश के बारे में जान सकते हैं। लेकिन अगर वर्तमान समय में शिक्षा के बारे में सोचें तो कोरोना महामारी के कारण सभी प्रकार के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह से रूक हो गई है।

दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा प्रदान कैसे करें -




जिस तरह से आज सामान्य बच्चों को घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है, ठीक उसी प्रकार दृष्टिबाधित बच्चों के लिए भी यह व्यवस्था शुरू की गई है। लेकिन फिलहाल सरकार के द्वारा जो दृष्टिबाधित बच्चों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था की गई वह कोरोना महामारी के कारण बाधित हो गई है। अगर वैसे भी सरकार की शिक्षा प्रणाली पर प्रकाश डाले तो पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दृष्टि बाधित बच्चों के लिए शिक्षा की किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

वर्तमान समय में दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा के लिए मोबाइल या लैपटॉप के द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई जाने की व्यवस्था पूरी तरह से सही है। इसके माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चे आसानी से अपनी पूरी पढ़ाई कर सकते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से ही दृष्टिबाधित बच्चे कक्षा 1 से लेकर कंपटीशन की तैयारी तक पूरी पढ़ाई कर सकते हैं। क्योंकि आप सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा कोई अधिक महत्व दिया जा रहा है।

सरकार ने दृष्टिबाधित बच्चों की पढ़ाई के लिए ब्रेल लिपि की किताबें उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए निशुल्क किताबें वितरण की जाती है। इसी प्रकार दृष्टिबाधित बच्चों की पढ़ाई के लिए निशुल्क ब्रेल लिपि की किताबें वितरण की जाएगी। दृष्टिबाधित बच्चों को इन किताबों के पढ़ने का तरीका पूरी तरह से ब्रेल लिपि की किताबों के बारे में समझने वाले शिक्षक के द्वारा ही समझाया जाएगा।

सरकार के साथ-साथ हमारे समाज को भी विकलांग तथा दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा के लिए आगे आना चाहिए। सामान्य बच्चों तथा दिव्यांग बच्चों के बीच होने वाले आपसी मतभेद को दूर किया जाना चाहिए, ताकि दिव्यांग बच्चे बिना कष्ट के अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। दृष्टिबाधित बच्चों के माता-पिता को भी सरकार के द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक अभियान जरूर भाग लेना चाहिए। शैक्षणिक अभियानों से दृष्टिबाधित बच्चों की पढ़ाई के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होते हैं।

सबसे मुख्य बात यह है कि किसी भी प्रकार के विकलांग बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं देनी चाहिए। इस तरह के सभी बच्चों को शैक्षणिक व्यवस्था तथा तकनीकी चीजों की आवश्यकता होती है, जो उन्हें पूर्ण रूप से उपलब्ध करवानी चाहिए। दृष्टिबाधित बच्चों को पूरी तरह से शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाने से उनके अंदर आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न होती है। दृष्टिबाधित बच्चों को पूर्ण रूप से शिक्षा का उपयोग करना सिखाना ही सबसे बड़ा शैक्षणिक कार्य होता है।

यदि हमारे समाज तथा सरकार के द्वारा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विशेष ब्रेल सामग्री उपलब्ध करवानी चाहिए। जिसके कारण ही ऐसे बच्चे अपनी पढ़ाई करके भविष्य सुधार सकते हैं।

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