स्कूल की 2 साल की लव स्टोरी | School Love Story In Hindi - दोस्तों यह लव स्टोरी उस समय की है जब मैंने कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए शहर के एक स्कूल में एडमिशन ले लिया था। एक दिन मैं समय से पहले ही स्कूल पहुंच गया था। दूसरी मंजिल पर होने की वजह से मैं बालकनी से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को देख रहा था। तभी मेरे स्कूल की बस गेट पर आकर रूकती है, मैं बस से उतर रहे बच्चों को देख रहा था। थोड़ी देर बाद बस वहां से चली जाती हैं।

स्कूल की 2 साल की लव स्टोरी | School Love Story In Hindi 2021 -


मैं अभी भी स्कूल के गेट की ओर ही देख रहा था, इसके बाद फिर जो हुआ उसे मैं कभी नहीं भुला सकता। मुझे एक खूबसूरत लड़की आती दिखाई देती है, लेकिन दूर होने की वजह से उसे देखने में परेशानी आ रही थी इसलिए मैं भागकर गेट के पास वाली बालकनी पर पहुंच गया। स्कूल ड्रेस में वह लड़की बहुत सुंदर लग रही थी लेकिन उसके बारे में मुझे किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं थी।

पहली बार देखने के बाद मैं पूरी तरह से उसका दीवाना बन गया और मेरे दिमाग में कई तरह की कल्पनाएं आने लगी। फिल्मी कल्पना उसे मुझे ऐसे लग रहा था कि मानो वह लड़की मेरे पास ही खड़ी हुई है। मैं उस लड़की के बारे में सोच ही रहा था, तब तक वह लड़की स्कूल के अंदर चली आती है। मैं उस लड़की का पता लगाने के लिए जल्दी से नीचे चला जाता हूं और देखता हूं कि आखिर कौन सी क्लास में पढ़ाई करती है। लेकिन उस लड़की के बारे में जानकारी हासिल करने से पहले ही प्रार्थना की घंटी बज चुकी थी। School Love Story In Hindi

मैं बिना उस लड़की को देखें ईश्वर की प्रार्थना करने के लिए नीचे चले जाता हूं। आप सभी को भली-भांति पता होगा कि स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से पहले ईश्वर की वंदना की जाती है। प्रार्थना के समय मैं सिर्फ उस लड़की के बारे में ही सोच रहा था कि आखिर वह किस क्लास में पढ़ाई करती है। थोड़ी देर बाद प्रार्थना खत्म हो जाती है और हम सब क्लास के अंदर चले गए। मैं चुपचाप जाकर अपनी टेबल पर बैठ गया।

थोड़ी देर बाद ही लड़कियों की लाइन आना शुरू हो जाती है। तभी मैं देखता हूं कि वह लड़की भी उसी लाइन में शामिल है। उसको देखने के बाद मैं खुशी से पागल हो रहा था क्योंकि वह लड़की भी मेरी ही क्लास में पढ़ाई करती है। अब मैं उसको अपनी टेबल से टकटकी लगाए देख रहा था। काले घुंघराले बाल, लंबी-लंबी आंखें और बिल्कुल भूरा रंग देख कर मैं उसकी खूबसूरती का दीवाना हो रहा था। कुछ ही देर में वह लड़की अपनी टेबल पर जाकर बैठ जाती है। School Love Story In Hindi

लेकिन उसे देखने में मुझे बहुत परेशानी हो रही थी, क्योंकि मैं पीछे वाली लाइन में बैठा हुआ था जबकि वह लड़की आगे वाली लाइन में बैठी हुई थी। इस हिसाब से हम दोनों के बीच काफी दूरी थी। मैं फिर से उसे देखने के लिए वहां से उठकर क्लास के बाहर चला गया और वापस अगले वाले दरवाजे से अंदर आ गया। तब मैंने देखा कि वह लड़की वास्तव में बहुत खूबसूरत थी। मेरा मन बार-बार उस लड़की को ही देखने के लिए तड़प रहा था।

उस लड़की को देखने के बाद मैं बहुत खुश हो रहा था जैसे कि मानो मुझे कोई परी मिल गई हो। मैं उस लड़की का नाम जानने के लिए बेताब था। तभी क्लास टीचर अंदर आ जाते हैं। अब थोड़ी देर बाद मुझे उस लड़की का नाम पता चलने वाला था। मैं उसकी खूबसूरती देखकर कई प्रकार के नामों का अंदाजा लगा रहा था। इतने में अटेंडेंस शुरू हो जाती है। टीचर सबका नाम बोलकर अटेंडेंस ले रहे थे और मैं उस लड़की की ओर देख रहा था। School Love Story In Hindi

तभी सर ने कहा - मीनाक्षी
लड़की ने कहा - प्रजेंट सर ! अब मुझे उसका नाम पता चल गया था। मैं अपने के अंदर बार-बार उसकी 'प्रजेंट सर' वाली मीठी आवाज को लेकर कई प्रकार की बातें बना रहा था। फिर से उस लड़की को देखने के लिए मैं टीचर को पानी पिलाने का बहाना लेकर वहां से चला जाता हूं और थोड़ी देर बाद जग में पानी भरकर टीचर को लाकर दे देता हूं। टीचर के पानी पीने तक मैं सिर्फ मीनाक्षी को ही देख रहा था, लेकिन वह अपनी गर्दन बिल्कुल भी ऊपर नहीं उठा रही थी।

मुझे पूरा यकीन था कि क्लास के सभी लड़के सिर्फ मीनाक्षी से ही प्यार करेंगे, क्योंकि वह बहुत खूबसूरत लड़की थी। उसके स्कूल आने से लेकर जाने तक की हर खबर मुझे पता रहती थी। धीरे-धीरे कई दिन गुजर गए लेकिन मीनाक्षी से अपने प्यार के बारे में नहीं कह पाया। रोजाना देखने की वजह से मुझे मीनाक्षी के स्वभाव के बारे में पूरा पता चल चुका था। वह एकदम सुशील, सुंदर तथा समझदार लड़की थी। School Love Story In Hindi

मैं कभी-कभी मीनाक्षी की हरकत पर उसका मजाक किया करता था। जिसकी वजह से वह मुझे बार-बार देखती थी। मैं इस तरह से मीनाक्षी का दीवाना हो गया कि मुझे फिल्मी गाने सुनने पसंद आने लगा। मीनाक्षी को देखने में ही मैंने लगभग 2 महीने निकाल दिए लेकिन उसे अपने दिल की बात नहीं कह पाया था। मैं पढ़ाई में भी थोड़ा बहुत होशियार था। जिसकी वजह से क्लास के विद्यार्थी मुझे अच्छा लड़का समझते थे।

कुछ दिनों बाद हमारी क्लास की अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो जाती है। सभी विद्यार्थी परीक्षा देने आते हैं। इस अर्धवार्षिक परीक्षा में मेरा क्लास के अंदर पांचवा स्थान आया था। क्लास के अंदर पांचवा स्थान आने की वजह से मेरी क्लास के सभी लोग मुझे पूरी तरह से होशियार मानते थे। अर्धवार्षिक परीक्षा में पांचवा स्थान आने की वजह से टीचर भी मुझसे बहुत खुश थे। School Love Story In Hindi

इसके बाद से टीचर बार-बार मुझे ही उदाहरण के तौर पर पेश किया करते थे क्योंकि मैं पहले पढ़ाई में कमजोर था। एक दिन मैं पूरी क्लास के सामने टीचर के पास खड़ा हुआ था। तभी मेरी निगाहें मीनाक्षी पर पड़ जाती है। उस समय मीनाक्षी भी मेरी ओर ही देख रही थी इसलिए हम दोनों की निगाहें मिल जाती है। मैंने सोचा शायद मीनाक्षी भी मेरे बारे में कुछ सोचने लगी है। मैं कुछ ही दिनों के अंदर मीनाक्षी को प्रपोज करना चाहता था।

क्लास की इंटरवेल हो चुकी थी। सभी छात्र क्लास रूम से बाहर जा चुके थे। तब मैंने देखा कि क्लास रूम के अंदर मीनाक्षी अकेली ही बैठी हुई है। मैं क्लास के अंदर जाने वाला ही था तभी अचानक मेरा दोस्त आ जाता है। मैं किसी भी तरह से उससे दूर होने की कोशिश करता हूं लेकिन वह मुझसे दूर नहीं जाता है। हम दोनों क्लास रूम के गेट पर ही बातचीत कर रहे थे। तभी मीनाक्षी गर्दन नीचे करके हमारी ओर ही देख रही थी। School Love Story In Hindi

मैं किसी भी तरह से अपने दोस्त को वहां से नीचे भेज देता हूं। इधर-उधर देखने के बाद क्लास रूम के अंदर चला गया और मीनाक्षी से बातचीत करने लग गया। थोड़ी देर बातचीत करने के बाद मैंने मीनाक्षी से अपने प्यार के बारे में बताने की सोचता हूं लेकिन किसी भी तरह से हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तभी मेरे दिमाग में विचार आया और मैं अपनी टेबल पर जाकर बैठ गया। वहां पर मैंने मीनाक्षी के लिए चिट्ठी लिखी, जिसमें मेरे प्यार की सारी बातें लिखी हुई थी।

काफी देर कोशिश करने के बाद मैंने उस चिट्ठी को मीनाक्षी की किताब के अंदर रखकर वहां से चला गया। मीनाक्षी को ऐसा लग रहा था कि मैं चला गया हूं। लेकिन मैं चुपके से मीनाक्षी को देख रहा था कि आखिर वह इस चिट्ठी का क्या करेगी। मैंने पहले ही सोच रखा था कि अगर मीनाक्षी चिट्ठी को पढ़कर अपने पास रखेगी तो समझ लूंगा कि वह मुझसे प्यार करती है। मीनाक्षी चिट्ठी को खोलकर पढ़ती है और इधर-उधर देखने के बाद अपने बैग के अंदर उसे रख लेती हैं। School Love Story In Hindi

अगले दिन मैं मीनाक्षी से बात करने के लिए पैदल ही स्कूल के लिए जा रहा था। रास्ते में मुझे मीनाक्षी मिल जाती है। अब मैं और मीनाक्षी बिना बोले चुपचाप स्कूल जा रहे थे। तभी मैंने मीनाक्षी से कहा - आप बहुत सुंदर हो। इस पर मीनाक्षी ने मेरी ओर देखकर धन्यवाद दिया। मैंने कहा - आपने मेरी चिट्ठी पढ़ी थी।
तब मीनाक्षी ने कहा - 'हां' पढ़ी थी। तभी मैंने कहा - लेकिन आपने अभी तक मुझे कोई जवाब नहीं दिया है।

मीनाक्षी मुझसे कहती है - अगर मैं तुमसे प्यार नहीं करती तो तुम्हें टीचर के हाथों मार पड़वा देती और तुम्हारे द्वारा दी गई चिट्ठी अब तक प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुंच गई होती।
मैंने कहा - यार मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं लेकिन कहने से डर रहा था। इसलिए चिट्ठी देकर वहां से चला गया।
तब मीनाक्षी ने कहा - पढ़ाई के समय सिर्फ पढ़ाई ही करनी है और हमारे प्यार के बारे में किसी और को पता नहीं होना चाहिए।

लगभग 1 सप्ताह तक मैं, मीनाक्षी से बहुत कम बातें करता था, लेकिन धीरे-धीरे मैं उससे पूरी तरह से घुल चुका था। इंटरवेल के समय मैं और मीनाक्षी क्लास रूम के अंदर ही बैठे रहते थे। साथ बैठने की वजह से मैं कभी-कभी मीनाक्षी के गालों पर किस कर लिया करता था। उसके साथ छेड़छाड़ तथा मस्ती करने की वजह से वह कभी-कभी गुस्सा हो जाती थी। लेकिन वह कभी भी मुझसे बिना बोले नहीं रह पाई। School Love Story In Hindi

मीनाक्षी को मेरे घर के बारे में पता चल चुका था, इसलिए मैं जिस दिन स्कूल नहीं जाता था। उस दिन वह मेरे घर पर ही आ जाती थी और स्कूल में पढ़ाया गया सब कुछ मुझे घर पर ही बता कर जाती थी। ‌सच बात तो यह थी कि मीनाक्षी को मेरे बिना रहा नहीं जाता था। मैं भी मीनाक्षी से बिना मिले नहीं रह पाता था, इसलिए किसी ना किसी बहाने से उससे मिलने पहुंच जाता था।

धीरे-धीरे हम दोनों के प्यार को लगभग 2 साल बीत गए। एक ही स्कूल में पढ़ाई करने की वजह से सबको पता चल गया था कि हम एक-दूसरे से प्यार करते हैं। पूरे स्कूल को पता होने के बाद भी हम दोनों एक दूसरे से दूर होने का नाटक करते थे। स्कूल से निकलने के बाद दोनों बातें करते हुए अपने-अपने घर पहुंचते थे। कई बार हम दोनों ने स्कूल का बहाना बनाकर बाहर मुलाकात की थी। School Love Story In Hindi

कभी-कभी हम दोनों ऐसी जगह पर मिला करते थे, जहां पर पहचान वाला आदमी हमें नहीं मिलता था। मैंने और मीनाक्षी ने एक-दूसरे से अपनी जान से अधिक प्यार किया था। इसी प्यार की बदौलत आज हम दोनों पति-पत्नी के रूप में एक साथ है। आज भी मुझे मीनाक्षी उतना ही प्यार करती है जितना पहले किया करती थी। आपको बता दूं कि वर्तमान समय में मीनाक्षी गृहणी है जबकि मैं भारतीय स्टेट बैंक में एक मैनेजर के पद पर कार्यरत हूं। School Love Story In Hindi

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