Engineer Banne Ke liye Padhai - वर्तमान समय एक ऐसा समय है जिसमें बच्चे स्कूल के समय से ही सोच लेते हैं कि उन्हें भविष्य में कौन सा मुकाम हासिल करना है तथा आगे चलकर क्या करना है।

लेकिन सभी बच्चों की सोच अलग-अलग होती है लेकिन अधिकतर बच्चे ऐसे होते हैं जो इंजीनियर बनने की चाहत रखते हैं। फिर कई ऐसे बच्चे हैं जो डॉक्टर, पुलिस ऑफिसर, भारतीय सेना, रेलवे अधिकारी आदि बनना पसंद करते हैं। जो बच्चे इंजीनियरिंग का कोर्स चुनते हैं उनके पास आगे चलकर रोजगार के बहुत सारे विकल्प होते हैं।

जो बच्चे हकीकत में इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं वह कक्षा 10 उत्तीर्ण होने के बाद ही से ही कक्षा 11 के लिए साइंस तथा मैथ का चयन करते हैं, जिसके बाद उन्हें कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होता है। क्योंकि अगर बच्चे कक्षा 12 में अच्छी मेहनत करके अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होते हैं, तो उनकी इंजीनियर बनने की तैयारी अच्छी रहती है।

इस बात को तो आप सभी जानते हैं कि इंजीनियर बनने के लिए कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ता है, जिसके लिए जरूरी होता है कि आपने कक्षा 12 की परीक्षा साइंस तथा मैथ विषय से उत्तीर्ण की हो। इंजीनियर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी होती है तथा इंजीनियर कैसे बन सकते हैं उसके बारे में पूरी जानकारी जरूर पढ़ें।

इंजीनियरिंग का मतलब -

अब कई सारे ऐसे बच्चे होते हैं जो स्कूल के समय से ही सोच लेते हैं कि उन्हें इंजीनियर बनना है लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि आखिरकार इंजीनियरिंग कोर्स तथा इंजीनियर क्या होता है। अब आपको बता दे की इंजीनियरिंग एक कोर्स होता है जिसकी पढ़ाई करने के लिए छात्र को कक्षा 12 में साइंस विषय के साथ उत्तीर्ण होना होता है। लेकिन आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा जैसे कोर्स करने के लिए आपको कक्षा 12 में साइंस विषय लेने की जरूरत नहीं होगी। आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने के लिए आप कक्षा 10 के बाद से ही कॉलेज ज्वाइन कर सकते हैं। ‌

अगर कोई छात्र मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से बीटेक में स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर लेता है तो उसकी इंजीनियर बनाने की शुरुआत शुरू हो जाती है। इंजीनियर बनने के लिए छात्र की जिस विषय में सबसे ज्यादा रुचि हो उसमें पोस्ट ग्रेजुएट होना जरूरी है, क्योंकि उसके बाद ही छात्र को इंजीनियर माना जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार का इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए उसके बारे में पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी है।

इंजीनियर तथा इंजीनियरिंग के बारे में तो आप पूरी तरह से अब समझ चुके हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंजीनियरिंग के कितने प्रकार होते हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग होते हैं। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के द्वारा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा तथा आईटीआई कोर्स अधिक किया जाता है।

इंजीनियर बनने के लिए क्या करें -

इंजीनियर बनने के लिए कक्षा 12 की पढ़ाई साइंस तथा मैथ विषय से उत्तीर्ण की हो, यह सबसे अधिक जरूरी है क्योंकि साइंस के बिना आप इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला नहीं ले सकते हैं। हमारे भारत देश में एनआईटी, बीटेक, आईआईटी, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि कोर्स करवाने के लिए कई सारे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान जो इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश प्रदान करते हैं।

वैसे आपको बता दें कि इंजीनियर कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को सीएमएटी, जेईई मेंस जैसी कई प्रकार की प्रवेश परीक्षा को पास करना होता है तथा इस परीक्षा की रैंक के अनुसार ही आपको कॉलेज प्रदान की जाती है। अगर आप अच्छे अंकों के साथ इस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं तो आपको सबसे अच्छी कॉलेज प्रदान होगी। इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि चाहे वह इंजीनियरिंग कोर्स या डॉक्टर कोर्स सभी में आपको मेहनत से पढ़ाई करनी होगी।

इंजीनियरिंग के लिए मुख्य रूप से कोर्स 3 साल का होता है लेकिन बीटेक जैसे कोर्स लगभग 4 वर्ष में पुरे हो पाते हैं लेकिन इन कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने तथा दी गई परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होने के कुछ दिनों बाद आपको इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाएगी, जिसके बाद आप इंजीनियर बन जाएंगे। इंजीनियर बनने के बाद आपके सामने रोजगार के कई सारे विकल्प खुल जाएंगे जिसमें से आप चाहे तो सरकारी नौकरी का विकल्प चुन सकते हैं या किसी भी प्राइवेट कंपनी में आसानी से जॉब प्राप्त कर सकते हैं।

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